कांकेर , जनवरी 11 -- छत्तीसगढ़ में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने गुरुवार को दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम कराकी में आयोजित पारंपरिक 'कोलांग महोत्सव' में शिरकत की और इस दौरान उन्होंने आदिवासी आराध्य बुढ़ादेव की विधिवत सेवा-अर्जी (पूजा) कर क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
श्री नाग ने कहा, "कोलांग नृत्य हमारी सांस्कृतिक पहचान है, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है।" उन्होंने इसे बस्तर अंचल की प्राचीन लोकसंस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि यह नृत्य आदिवासी समाज की जीवनशैली, परंपरा और सामूहिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने चिंता जताई कि आधुनिकता के प्रभाव में ऐसी पारंपरिक कलाएं विलुप्त हो रही हैं, इसलिए इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
सांसद ने खुद ग्रामीणों के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्र 'मादरी' बजाई और कोलांग नृत्य में भाग लेकर आदिवासी संस्कृति के प्रति अपना सम्मान प्रदर्शित किया। उनके नृत्य में शामिल होते ही पूरा माहौल उल्लासमय हो गया।
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