भागलपुर, जनवरी 05 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
श्री सिन्हा ने भागलपुर टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से शुरू किया गया भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की भूमि से जुड़ी समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता से संवाद का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, समझना और उनका नियम सम्मत समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार और भूमि विवाद अत्यंत जटिल विषय हैं, जिनमें विधिक प्रावधानों के साथ जमीनी वास्तविकताओं की गहरी समझ आवश्यक है। इसी सोच के साथ विभाग में अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और जिलावार जनसंवाद का निर्णय लिया है, जिससे वास्तविक फीडबैक के आधार पर पारदर्शी, जनसुविधा आधारित और स्थायी नीतियां बनाई जा सकें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार के बिचौलिये, दलाल या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जायज मांग करने वाला कोई भी व्यक्ति पीड़ित नहीं होगा, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
श्री सिन्हा ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को इन सेवाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए 12 दिसंबर से पटना से जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। ऑनलाइन आवेदन करने में आमलोगों को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी सेंटर खोले गए हैं, जहां कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई तय मामूली शुल्क पर आवेदन के साथ उचित परामर्श भी देंगे।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है। इस अधिकार का सही दिशा में उपयोग कर सही कार्य में बाधा डालने वाले माफिया तत्वों को जेल के अंदर भेजें।
श्री सिन्हा ने कहा कि इस संवाद के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पटना के ज्ञान भवन में राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों की भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला आयोजित की गई है, जिसमें उन्हें जनता की परेशानियों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित