देहरादून , नवंबर 13 -- उत्तराखंड के देहरादून में भूकंप की संभावित आपदा से निपटने की विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखने के लिए 15 नवंबर की सुबह आधे घंटे के लिए अलग-अलग स्थानों में मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी।

गुरुवार को मॉकड्रिल की तैयारी को लेकर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया।

राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डॉक्टर डी के असवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और मॉक ड्रिल के सफल आयोजन को लेकर जिले तथा विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।

डॉ़ असवाल ने कहा कि मॉक ड्रिल अपनी क्षमताओं, तैयारियों और संसाधनों के प्रबंधन व उनके कार्य क्षमता को पहचानने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विभिन्न प्रकार की आपदाओं को लेकर संवेदनशील रहा है। ऐसे में आपदाओं का सामना करने के लिए पूर्व तैयारी, समुदायों का क्षमता विकास व लगातार प्रशिक्षण जरूरी है।

उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि भविष्य में यूएसडीएमए द्वारा आयोजित की जाने वाली मॉक ड्रिल में डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाए। यह तकनीक किसी स्थान या भवन की एक वर्चुअल प्रति तैयार करती है। जिससे हम असली हालत का अभ्यास कर सकते हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि भूकंप मॉक ड्रिल का अभ्यास का उद्देश्य राज्य के सभी जिलों की तैयारियों का परीक्षण करना है ताकि भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

इस अभ्यास के तहत बांधों, टनलों मॉल, स्टेडियम, भवनों, विद्यालयों अस्पतालों आदि महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की सुरक्षा और प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके अलावा इस प्रणाली के तहत अधिकारियों की भूमिकाओं, विभागों के बीच तालमेल, राहत एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता, चेतावनी तंत्र की कार्य क्षमता और राहत शिविरों के संचालन का भी परीक्षण किया जा रहा है।

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