भूपालपल्ली , फरवरी 08 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने रविवार को भूपालपल्ली जिले का दौरा किया और जोर देकर कहा कि जिले को समाप्त करने का कोई सवाल ही नहीं है तथा कांग्रेस सरकार सिंगरेनी श्रमिकों के हितों के खिलाफ कोई निर्णय नहीं लेगी।
मुख्यमंत्री ने नगर निकाय चुनाव प्रचार के हिस्से के रूप में रेकोंडा मंडल के कोडावतंचा गांव का दौरा किया, जहाँ उन्होंने श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने 12.15 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर में किए जा रहे जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का निरीक्षण किया और नवनिर्मित छात्रावास भवन का उद्घाटन किया।
इसके बाद श्री रेड्डी ने घनपुर मंडल के चिलपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त वारंगल जिले का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने सिंगरेनी श्रमिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि तेलंगाना आंदोलन में इस क्षेत्र ने प्रमुख भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने उन दावों को झूठा प्रचार बताकर खारिज कर दिया कि कांग्रेस सरकार भूपालपल्ली जिले को खत्म कर देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जिलों के पुनर्गठन की आवश्यकता हुई, तो वह केवल जनता से परामर्श करने के बाद ही किया जाएगा।
श्री रेड्डी ने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने गरीबों की चिंता किए बिना दस साल तक शासन किया। जहाँ 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस शासन के दौरान 20 लाख इंदिराम्मा आवास बनाए गए थे, वहीं पिछली सरकार जरूरतमंदों को आवास देने में विफल रही। उन्होंने घोषणा की कि इंदिराम्मा आवास का दूसरा चरण अप्रैल के बाद शुरू किया जाएगा। कांग्रेस सरकार गरीबों के आत्मसम्मान के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह खर्च करेगी।
मुख्यमंत्री ने बीआरएस नेताओं पर भ्रष्टाचार, फोन टैपिंग और चुनावी बॉन्ड के माध्यम से धन इकट्ठा करने का भी आरोप लगाते हुए पार्टी को 'ब्लैकमेल राजनीति समूह' करार दिया।
वारंगल की सांसद कादियम काव्या ने कहा कि मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना है। उन्होंने भूपालपल्ली के लिए रेलवे लाइन की आवश्यकता पर भी जोर दिया और मतदाताओं से नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की।
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