भिण्ड , जनवरी 11 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड शहर में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक को 48 घंटे तक "डिजिटल अरेस्ट" में रखकर 29 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित प्रेम सिंह कुशवाह ने शहर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मीरा कॉलोनी निवासी रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह को 7 जनवरी को एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को दिल्ली से भारत सरकार का जांच अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने की बात कही। ठगों ने गिरफ्तारी और जान को खतरे का डर दिखाकर उन्हें घर में एक कमरे में रहने, किसी से बात न करने और लगातार वीडियो कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर किया।
पीड़ित के अनुसार फर्जी डीएसपी, एसपी, पुलिस कमिश्नर और मजिस्ट्रेट के रूप में वीडियो कॉल पर अलग-अलग लोग जुड़े, जिनके कंधों पर स्टार और अशोक चिन्ह लगे थे। डर के माहौल में उन्हें और उनकी पत्नी को किसी से संपर्क न करने की कसम तक खिलवाई गई। दो दिन तक लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखी गई और मोबाइल चार्ज पर रखने के निर्देश दिए गए।
तीसरे दिन ठगों ने "सिक्योरिटी मनी" के नाम पर 29.50 लाख रुपये न्यायालय खाते में जमा कराने का झांसा दिया। निर्देशानुसार पीड़ित बैंक पहुंचे और बताए गए खाते में राशि ट्रांसफर कर दी। बाद में कोई क्लियरेंस सर्टिफिकेट नहीं मिलने पर परिजनों को जानकारी दी गई और साइबर सेल व थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस खाते में राशि भेजी गई, वह गुजरात के बड़ोदरा का है और वहां से रकम करीब 20 अन्य खातों में ट्रांसफर की गई। शहर कोतवाली थाना प्रभारी टीआई ब्रजेंद्र सेंगर ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है।
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