भिण्ड , जनवरी 29 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में बुधवार को यूजीसी कानून के विरोध में आयोजित सवर्ण समाज के आंदोलन के दौरान कलेक्ट्रेट भवन के मुख्य प्रवेश द्वार का कांच टूट गया। मामले में कलेक्ट्रेट में तैनात सुरक्षा कर्मी की शिकायत पर भिण्ड देहात थाना पुलिस ने 4 से 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ ए.आई.आर. दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कल सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी कानून के विरोध में बड़ा आंदोलन आयोजित किया गया था। इस दौरान धन्वंतरी कॉम्प्लेक्स से कलेक्ट्रेट तक युवाओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। रैली कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराज कुछ युवाओं ने कलेक्ट्रेट भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे चैनल को खोलने का प्रयास किया। इसी दौरान अफरा-तफरी में प्रवेश द्वार का कांच टूट गया।
घटना के बाद कलेक्ट्रेट में तैनात सुरक्षा कर्मी ने देहात थाना में लिखित शिकायत दी। शिकायत में कहा गया कि आंदोलन के दौरान कुछ अज्ञात युवकों द्वारा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 4 से 5 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि कांच तोड़ने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। साथ ही आंदोलन में शामिल प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना कानूनन अपराध है। दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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