भिण्ड , दिसंबर 10 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मपुरी क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। एमएस ट्रेडर्स नाम की यह यूनिट बिना मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के चल रही थी, जहां बिस्लरी जैसी हूबहू दिखने वाली ब्राइसलरी पैकिंग में पानी तैयार किया जा रहा था। टीम ने मौके से हजारों भरी हुई बोतलें जब्त कर फैक्ट्री को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार, एमएस ट्रेडर्स का लाइसेंस नई आबादी गौरी सरोवर रोड के पते पर था, जबकि फैक्ट्री धर्मपुरी स्थित मुक्तिधाम के पास गुपचुप तरीके से संचालित की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल और रेखा सोनी जैसे ही पुलिस टीम के साथ पहुंचे, अंदर मौजूद कर्मचारियों ने गेट खोलने से मना कर दिया। बाद में पुलिस हस्तक्षेप के बाद गेट खुलवाया गया।
जांच में अंदर मशीनें चालू मिलीं और पानी की पैकिंग जारी थी। टीम को ब्राइसलरी और एक्वा ब्रांड की बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री मिली, जो बिस्लरी के डिजाइन से काफी मेल खाती थी। 200 मिली, 500 मिली, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों का खुला उत्पादन हो रहा था। लगभग दो हजार से अधिक भरी हुई बोतलें भी बरामद की गईं। यूनिट ट्रेडिंग के नाम पर लाइसेंस लेकर अवैध मैन्युफैक्चरिंग कर रही थी, जो गंभीर उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि इसी यूनिट पर वर्ष 2019 में अनियमितताओं पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, इसके बावजूद यहां फिर से उत्पादन शुरू कर दिया गया था।
विभाग ने मौके से सैंपल लेकर भोपाल स्थित लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पेयजल में मिलावट लोगों के स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ है, ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई तय है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल ने बताया कि धर्मपुरी क्षेत्र में बिना अनुमति चल रही पानी की फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई है। बड़ी मात्रा में नकली रेपर मिले हैं। फैक्ट्री को सील कर सैंपल जांच हेतु भेजे गए हैं, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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