भिण्ड , जनवरी 05 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में शीत लहर और कोल्ड डे के चलते कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कलेक्टर द्वारा दो दिन का अवकाश बढ़ाए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आई। जिले में कई कोचिंग सेंटर और कुछ बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों में छोटे बच्चों की नियमित कक्षाएं संचालित होती पाई गईं। इससे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ गया है।
मामले को लेकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने सोमवार को कलेक्टर करोड़ीलाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई। एसोसिएशन का कहना है कि कोल्ड डे अवकाश के बावजूद बच्चों को पढ़ाई के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में भ्रम और दबाव की स्थिति बन रही है। कई माता-पिता मजबूरी में बच्चों को कोचिंग भेज रहे हैं, क्योंकि आसपास के अन्य कोचिंग सेंटर खुले हुए हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि इससे पहले भी शिक्षा विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान 11 बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए गए थे। इन संस्थानों ने शपथ पत्र देकर विद्यालय समय में कोचिंग न चलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कोल्ड डे के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कक्षाएं संचालित करना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने मांग की है कि जिले में 50 से कम छात्र मैपिंग वाले निजी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और विद्यालय समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कोचिंग संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही नवोदय और सैनिक स्कूल की तैयारी के नाम पर छोटे बच्चों को लंबे समय तक पढ़ाने वाली अव्यवस्थित कोचिंगों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अवधेश शर्मा ने कहा कि यदि सख्त निगरानी और कार्रवाई नहीं की गई तो बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों प्रभावित होंगे।
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