भिण्ड , नवम्बर 18 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिला अस्पताल में आज बड़ी लापरवाही सामने आई, जब मोरा गांव की एक प्रसूता को लेबर रूम में भर्ती करने में देरी होने के कारण अस्पताल परिसर में ही खुले स्थान पर बच्चे को जन्म देना पड़ा। प्रसव पीड़ा बढ़ने के बावजूद समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने से प्रसूता को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा।जानकारी के अनुसार मोरा गांव की प्रियंका सिंह भदौरिया को परिजन प्रसव पीड़ा बढ़ने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि लेबर रूम स्टाफ ने समय रहते उसे भर्ती नहीं किया। इसी बीच उसकी पीड़ा अचानक तेज हुई और वह परिसर में ही लेट गई, जहां कुछ ही क्षणों में प्रसव की प्रक्रिया शुरू हो गई।
घटनास्थल पर मौजूद समाजसेविका रानी जैन ने अन्य महिलाओं की मदद से प्रसूता के चारों ओर पर्दा कर पूरी प्रसव प्रक्रिया कराई। उन्होंने बताया कि प्रसूता को तकलीफ में देखकर उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर को कॉल किया, लेकिन जब तक स्टाफ पहुंचा, प्रसव शुरू हो चुका था। जच्चा-बच्चा को बाद में सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं समाजसेविका रानी जैन ने भी इसे अस्पताल की बड़ी चूक बताया।
उधर, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. कुशवाह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लेबर रूम का स्टाफ समय पर पहुंचा था और स्थिति अचानक बनने के कारण बाहरी क्षेत्र में प्रसव हुआ।
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