भिण्ड , दिसंबर 30 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले से गुजरने वाला नेशनल हाईवे-719 (ग्वालियर-इटावा रोड) जिले का सबसे बड़ा मौत का हाईवे साबित हो रहा है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के जनवरी से नवंबर तक 11 महीनों में इस हाईवे पर 670 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 241 लोगों की जान चली गई। औसतन प्रतिदिन लगभग दो हादसे हो रहे हैं, जो बीते सात वर्षों में सबसे अधिक है।
ग्वालियर से इटावा तक इस हाईवे की कुल लंबाई 110 किलोमीटर है, जिसमें से करीब 90 किलोमीटर हिस्सा भिण्ड जिले में आता है। यह मार्ग दो लेन का है, जबकि प्रतिदिन लगभग 20 हजार वाहन इस पर गुजरते हैं। अधिक यातायात और सीमित सड़क चौड़ाई के कारण ओवरटेक के दौरान आमने-सामने की टक्कर की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मृतकों में सर्वाधिक संख्या दोपहिया वाहन चालकों की बताई जा रही है।
इस हाईवे के चौड़ीकरण की मांग सबसे पहले वर्ष 2023 में उठी थी। कैंसर पीड़ित सेवानिवृत्त सैनिक सुनील शर्मा ने 19 मई 2023 को हाईवे विस्तार की मांग रखी और अन्य पूर्व सैनिकों को जोड़कर आंदोलन की शुरुआत की। इसके बाद अटेर अनुभाग के पावई माता मंदिर पर सामूहिक प्रार्थना सभा, 9 अगस्त 2023 को भिण्ड शहर की गोल मार्केट पर धरना, तथा 1 मार्च 2024 को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया।
बाद में आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने के लिए संत समाज को जोड़ा गया। दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज और संत समिति अध्यक्ष कालीदास महाराज के नेतृत्व में संतों ने कलेक्ट्रेट एवं खंडा रोड पर लगातार दस दिनों तक आंदोलन किया। जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से आंदोलन स्थगित हुआ, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं।
24 मई को ग्वालियर में संतों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से तथा 17 जून को उनके नेतृत्व में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान वर्ष 2028 तक हाईवे को फोर लेन बनाने और शीघ्र काम शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सात माह बीतने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। हाल ही में हुए नो रोड-नो टोल आंदोलन के बाद सरकार को आठ महीने का अल्टीमेटम दिया गया है। संत समिति अध्यक्ष कालीदास महाराज ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
भिण्ड पुलिस के अनुसार सड़क हादसों के आंकड़े लगातार चिंताजनक रहे हैं। वर्ष 2019 में 698 दुर्घटनाओं में 171 मौतें हुईं। वर्ष 2020 में 654 हादसों में 159 लोगों की जान गई। वर्ष 2021 में 644 दुर्घटनाओं में 208 मौतें हुईं। वर्ष 2022 में 712 हादसों में 197 लोगों की मृत्यु हुई। वर्ष 2023 में 629 दुर्घटनाओं में 196 लोगों की जान गई। वर्ष 2024 में 683 हादसों में 218 मौतें दर्ज की गईं। वहीं वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर तक 670 दुर्घटनाओं में 241 लोगों की मौत और 719 लोग घायल हुए हैं।
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