पटना , फरवरी 27 -- बिहार सरकार की 'मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना' एवं भारत सरकार की 'स्माइल योजना' के अंतर्गत में भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्तियों की अद्यतन गणना एवं पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी 38 जिलों में सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ शुक्रवार को किया गया।

यह सर्वेक्षण एक माह की अवधि में संपन्न किया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की सचिव सह-अध्यक्ष कार्यकारिणी समिति' सक्षम श्रीमती बन्दना प्रेयषी द्वारा की गई। कार्यक्रम में सभी जिलों के सहायक निदेशक' जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जिला प्रबंधक, बुनियाद केंद्र, सर्वेक्षक तथा सक्षम के पदाधिकारी/कर्मी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा सर्वेक्षण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि यह सर्वेक्षण कार्य नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव एवं प्रमुख चौक-चौराहों पर किया जाएगा। सर्वेक्षण का आंकड़ा मोबाइल ऐप एवं हार्ड कॉपी दोनों माध्यमों से संकलित किया जाएगा। इसके लिए जिलों में चयनित सर्वेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है| उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण कार्य सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निर्देशन में किया जाएगा तथा जिला प्रबंधक, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। सर्वेक्षित आंकड़ा के आधार पर भिक्षावृत्ति में संलिप्त महिला, पुरुष, बच्चे एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें सरकार के विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा तथा पुनर्वास एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

सचिव श्रीमती प्रेयषी ने कहा कि सटीक एवं अद्यतन आंकड़ा संग्रह अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि भिक्षावृत्ति से जुड़े व्यक्तियों की वास्तविक संख्या क्या है और उनके पुनर्वास के लिये योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा| यह पहल भिक्षावृत्ति उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन के लिए समाज के मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिये सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।

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