धार , जनवरी 21 -- भावांतर भुगतान योजना के तहत उपज विक्रय करने वाले मध्यप्रदेश में धार जिले के सवा पांच हजार से अधिक किसान अब भी अपनी बकाया राशि का इंतजार कर रहे हैं। किसानों के करीब साढ़े नौ करोड़ रुपए अब तक खातों में नहीं पहुंचे हैं। मंडी प्रशासन द्वारा बकाया भुगतान की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय भेज दी गई है, जहां से उपज विक्रय से संबंधित सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष सोयाबीन का अच्छा उत्पादन हुआ है। इसके चलते जिले की सातों मंडियों में सोयाबीन की बंपर आवक दर्ज की गई। भावांतर योजना के तहत 24 अक्टूबर से सोयाबीन खरीदी शुरू हुई थी, जो 15 जनवरी को समाप्त हुई। इस दौरान जिले में करीब 36 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 35 हजार 787 किसानों ने कुल 8 लाख 56 हजार 319 क्विंटल सोयाबीन का विक्रय किया।

अब तक 29 हजार 462 किसानों के खातों में 41 करोड़ 80 लाख 13 हजार 202 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। यह राशि किसानों को तीन किस्तों में प्राप्त हुई है। इसके बावजूद अभी भी करीब सवा छह हजार किसानों को भुगतान नहीं मिल पाया है। बताया जा रहा है कि शेष किसानों के खातों में भी आगामी दिनों में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी।

भावांतर योजना के तहत पहली किस्त 13 नवंबर को जारी की गई थी, जिसमें 4 हजार 201 किसानों के खातों में 8 करोड़ 50 लाख 74 हजार 583 रुपए डाले गए। दूसरी किस्त 26 नवंबर को 5 हजार 180 किसानों को 9 करोड़ 48 लाख 98 हजार 714 रुपए के रूप में मिली। इसके बाद 18 दिसंबर को 20 हजार 81 किसानों के खातों में 40 करोड़ 18 हजार 873 रुपए की राशि डाली गई।

किसानों का कहना है कि भावांतर योजना उनके लिए लाभकारी साबित हुई है, लेकिन शेष राशि शीघ्र मिलनी चाहिए ताकि वे खेती से जुड़े आगामी कार्य समय पर पूरा कर सकें। इधर मंडियों में अब सोयाबीन की आवक भी कम हो गई है, क्योंकि अधिकांश किसानों ने अपनी उपज का विक्रय कर दिया है।

मंडी सचिव मंसाराम जमरे ने बताया कि बकाया भुगतान को लेकर वरिष्ठ कार्यालय को जानकारी भेज दी गई है। करीब नौ करोड़ रुपए का भुगतान शेष है, जिसके जल्द ही किसानों के खातों में पहुंचने की उम्मीद है।

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