शिमला , जनवरी 24 -- हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में करीब डेढ़ फुट तक हुई भारी बर्फबारी के कारण शनिवार को लगातार दूसरे दिन जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। अधिकांश सड़कें बंद रहने से यातायात लगभग ठप हो गया और शहर का संपर्क आसपास के क्षेत्रों तथा देश के अन्य हिस्सों से कटा रहा।
इस बीच, शनिवार दोपहर तक सड़कें और प्रमुख संपर्क मार्ग बहाल नहीं हो सके, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिमला पुलिस द्वारा शनिवार सुबह जारी ताजा यातायात परामर्श के अनुसार, भारी बर्फबारी और फिसलन के चलते शिमला से बाहर जाने वाली कई प्रमुख सड़कें बंद रहीं। इनमें शिमला-करसोग, शिमला-थियोग, थियोग-कोटखाई, थियोग-रामपुर, थियोग-रोहड़ू और थियोग-चौपाल मार्ग शामिल हैं।
शिमला-सोलन राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी फिसलन की स्थिति बनी रही, जिसके चलते वाहन चालकों को यात्रा से बचने की सलाह दी गयी। शहर के भीतर भी सभी प्रमुख आंतरिक सड़कें बंद रहीं। प्रभावित मार्गों में तुटीकंडी-फागली बाईपास, केनेडी-एननडेल रोड, शिमला-टोटू मार्ग, खलिनी-बीसीएस-विकास नगर रोड, विक्ट्री टनल-लकड़ बाजार-संजौली मार्ग, छोटा शिमला-संजौली-ढली रोड, छोटा शिमला-कसुम्पटी रोड और मेहली-शनान-भट्टाकुफर-ढली मार्ग शामिल हैं।
ढली से आगे ऊपरी क्षेत्रों की ओर जाने वाली सड़कें भी बंद रहीं, जिससे शिमला जिले के कई इलाकों का संपर्क और अधिक बाधित हो गया। वाहनों की आवाजाही लगभग पूरी तरह रुक जाने के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यस्थलों तक नहीं पहुंच सके और सरकारी कार्यालयों व संस्थानों में उपस्थिति काफी कम रही।
भारी बर्फबारी का असर आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ा है। शुक्रवार को शिमला शहर में करीब 411 विद्युत वितरण ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए थे, जिनमें से मध्यरात्रि तक 119 ट्रांसफॉर्मरों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। शेष क्षेत्रों में बहाली का कार्य जारी है। शून्य से नीचे गिरते तापमान ने ठंड को और बढ़ा दिया है, जबकि कई इलाकों में जलापूर्ति, बिजली और संचार सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित रहीं।
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