नयी दिल्ली , अप्रैल 08 -- भारत सहित कई देशों ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम का स्वागत करते हुए इसे पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
भारत ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार को कहा कि वह युद्धविराम का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार ज़ोर दिया है, जारी संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।"भारत ने यह भी कहा कि इस संघर्ष से भारी जनहानि हुई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार प्रभावित हुआ है। बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार के सुचारू प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से इसका पालन करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए संघर्ष विराम आवश्यक है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इसे "बहुत अच्छा घटनाक्रम" बताया, जबकि स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि युद्धविराम सकारात्मक है, लेकिन इससे विनाश और जनहानि को भुलाया नहीं जा सकता है।
श्री मैक्रों ने अपने बयान में कहा, "पहले दिन से ही हमारा उद्देश्य एक ही रहा है, अपने नागरिकों और अपने हितों की रक्षा करना, अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ खड़े रहना, और शांति तथा नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए तनाव कम करने की दिशा में काम करना।"श्री सांचेज़ ने कहा, "संघर्ष-विराम हमेशा अच्छी खबर होते हैं। खासकर तब, जब वे एक न्यायसंगत और स्थायी शांति की ओर ले जाते हैं। लेकिन यह क्षणिक राहत हमें उस अफ़रा-तफ़री, उस तबाही और उन जानों को भुलाने नहीं दे सकती, जो हमने खो दी हैं।"यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे तनाव में बहुत ज़रूरी कमी आई है। उन्होंने पाकिस्तान को उसकी मध्यस्थता के लिए धन्यवाद दिया। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन करते हुए इसे सही कदम बताया।
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