कानपुर , जनवरी 26 -- कानपुर के मण्डलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को कहा कि भारत विविध भाषाओं और संस्कृतियों के बावजूद 'विविधता में एकता' का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होने मण्डलायुक्त कार्यालय में ध्वजारोहण किया और उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। श्री पांडियन ने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान में निहित प्रावधानों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सौंपी गई जिम्मेदारी का निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ पालन किया जाना आवश्यक है।
मण्डलायुक्त ने कहा कि किसी भी स्तर पर जाति, धर्म या मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा बनाए रखना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है। संविधान के तहत प्रदत्त मतदान का अधिकार लोकतंत्र की मजबूती और नागरिकों की समान भागीदारी को सुनिश्चित करता है।
मण्डलायुक्त ने देश की प्रगति के लिए शिक्षा, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को आवश्यक बताते हुए कहा कि स्वच्छता भी नागरिक जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। उन्होंने अपील की कि जिस तरह लोग अपने घर को स्वच्छ रखते हैं, उसी तरह अपने मोहल्ले और शहर को भी स्वच्छ रखें।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के संदेश को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मण्डलायुक्त ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। सम्मानित किए गए लोगों में सरोज कुमार, नरेन्द्र कुमार शुक्ला, विनोद कुमार शुक्ला, पदमकांत गुप्ता, राजकुमारी मिश्रा, गौरव दीक्षित, अनिल कुमार शुक्ला, नीलम देवी, बीना शुक्ला और कपिल कुमार मिश्रा शामिल रहे। इस अवसर पर अपर आयुक्त बृज किशोर, रेनू सिंह, सुशीला, कमिश्नरी बार अध्यक्ष दिनेश वर्मा, महामंत्री अश्वनी द्विवेदी सहित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, अधिवक्ता और मण्डलायुक्त कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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