नयी दिल्ली , दिसंबर 05 -- भारत और रूस ने कृषि वस्तुओं के व्यापार को बढ़ाने, खाद्यान्न और बागवानी उत्पादों के निर्यात की नयी संभावनाओं का पता लगाने पर सहमति जताई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री, शिवराज सिंह चौहान ने रूस की कृषि मंत्री ओक्साना लुट के साथ गुरूवार को हुयी द्विपक्षीय बैठक में आपसी सहयोग पर चर्चा की और भविष्य में साझेदारी के क्षेत्रों का उल्लेख किया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत-रूस संबंध विश्वास, दोस्ती और आपसी सहयोग पर आधारित हैं। दोनों देश कृषि व्यापार, उर्वरक, बीज, बाज़ार पहुंच और संयुक्त शोध में सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए। उन्होंने दोनों देशों के किसानों को लाभ पहुंचाने और नवाचार को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
बैठक में श्री चौहान ने बढ़ते द्विपक्षीय कृषि व्यापार को रेखांकित किया। यह कारोबार वर्तमान में लगभग 3.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हो चुका है। उन्होंने अधिक संतुलित व्यापार की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और भारतीय आलू, अनार और बीजों के निर्यात से संबंधित लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने के लिए रूस को धन्यवाद दिया। सुश्री लुट ने कृषि क्षेत्र में व्यापार बढ़ाने और सहयोग को मजबूत करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई।
बैठक के दौरान, कृषि क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और रूस के फेडरल सेंटर फॉर एनिमल हेल्थ के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। श्री चौहान ने सुश्री लुट को अगले वर्ष भारत में होने वाली ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।
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