रायपुर, 24 जनवरी 2026 ( वार्ता ) भारत माला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के भू-अर्जन मुआवजा प्रकरण में सामने आए गंभीर अनियमितताओं के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार तीन लोकसेवकों के खिलाफ शनिवार को विशेष न्यायालय (एसीबी), रायपुर में प्रथम पूरक चालान प्रस्तुत किया है। एसीबी के अनुसार आरोपितों की कथित भूमिका के कारण शासन को लगभग 39 करोड़ 65 लाख 89 हजार 257 की आर्थिक क्षति हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में तीन पटवारी दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इनके विरुद्ध एसीबी में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 30/2025 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 12 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 467, 471, 420 एवं 120-बी के तहत अपराध दर्ज है।
एसीबी द्वारा प्रस्तुत पूरक चालान में बताया गया है कि तीनों आरोपियों से संबंधित मामलों में प्रथम दृष्टया शासन को कुल 39,65,89,257 की आर्थिक क्षति परिलक्षित हुई है। मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध विवेचना अभी जारी है।
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