ऑकलैंड , नवंबर 05 -- भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौते पर फिलहाल सहमति नहीं बनी है, और दोनों पक्ष धीरे-धीरे व्यापार बढ़ाने और समाधान तलाशने पर सहमत हुए हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैकक्ले के बीच बुधवार को हुई बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने मीडिया से बात की। खास बात यह रही कि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लेक्सन संसद में प्रश्नकाल छोड़कर खुद ऑकलैंड पहुंचे और प्रेस वार्ता के बीच में दोनों मंत्रियों के साथ शामिल होकर मीडिया के प्रश्नों का उत्तर दिया। ऑकलैंड रवाना होने से पहले उन्होंने हालांकि इन अटकलों को खारिज किया कि व्यापार वार्ता में कोई गतिरोध आया है, जिसके कारण उन्हें अचानक जाना पड़ रहा है।

श्री लेक्सन ने ऑकलैंड में व्यापार वार्ता की प्रगति के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि श्री गोयल तथा श्री मैकक्ले दृढ़ रहने वाले वार्ताकार हैं और उन्हें ऐसा होना भी चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में दोनों देशों के पास काफी अवसर हैं। व्यापार के अलावा रक्षा में दोनों देश पहले से ही साथ काम कर रहे हैं। जनसंपर्क में काफी संभावनाएं हैं, खेल में दोनों देशों के बीच पुराने संबंध रहे हैं और भारतीय हॉकी टीम के ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरे (साल 1926 में) को 100 साल होने वाले हैं। अमेरिका के दरवाजे बंद करने के बाद भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड में काफी अवसर हैं।

उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है और ऐसे में भारत के साथ व्यापारिक संबंध न्यूजीलैंड के लिए महत्व रखता है।

इससे पहले श्री गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले काफी चर्चा होनी है।

न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री ने कहा कि किसी भी तरह के व्यापार समझौते में समय लगता है और व्यापार वार्ताएं हमेशा चुनौतीपूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष समाधानों पर सहमत हुए हैं। न्यूजीलैंड के लिए भारत के साथ संबंध महत्वपूर्ण हैं।

व्यापार लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर श्री मैकक्ले ने कहा कि कोई भी लक्ष्य तय करने से पहले हम समय ले सकते हैं। न्यूजीलैंड का प्रतिनिधिमंडल इस साल मार्च में भारत गया था और 33 समझौतों तथा सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए थे, जिनमें एयर इंडिया और एयर न्यूजीलैंड साल 2028 तक दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने पर सहमत हुई थीं।

श्री मैकक्ले ने कहा कि उनका न्यूजीलैंड के लिए संतुलित अवसर तलाशना है। टाटा और महिंद्रा के वाहनों की न्यूजीलैंड में लंबे समय से उपस्थिति के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भारत में बनी गाड़ियां न्यूजीलैंड में स्थानीय जैसी हैं और जब भी व्यापार समझौता होगा, देश में भारतीय वाहनों की बिक्री में कोई बाधा नहीं आयेगी।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में 1.75 अरब डॉलर का वस्तु व्यापार हुआ था, जिसमें भारत ने 84 करोड़ डॉलर का और न्यूजीलैंड ने 91 करोड़ डॉलर का आयात किया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित