पिथौरागढ़/नैनीताल , नवंबर 11 -- भारत-नेपाल सीमा पर लगने वाला ऐतिहासिक जौलजीबी मेला आगामी 14 नवंबर से शुरू होगा। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने मेले को लेकर तैयारियां तेज कर दी है।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी की अध्यक्षता में जौलजीबी मेला के आयोजन को लेकर मंगलवार को एक बैठक की गई जिसमें उन्होंने मेले को भव्य एवं पारंपरिक स्वरूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धारचूला के उप जिलाधिकारी जितेन्द्र वर्मा को मेले के सफल संचालन के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि दुकानों का आवंटन और मूल्य निर्धारण पारदर्शी हो तथा मेले में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, वस्त्रों और खाद्य सामग्री को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने सभी सरकारी महकमों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जनकल्याणकारी स्टॉल स्थापित करें, जिनमें आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पर्यटन, कृषि और अन्य लोकहितकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचायी जा सके।
उन्होंने मेले में एक रीडिंग क्लब स्थापित करने का सुझाव दिया, जिसमें समाचार पत्र और पुस्तकें उपलब्ध हो। उन्होंने एसएसबी को आपदा प्रबंधन एवं भवन निर्माण संबंधी जानकारी हेतु एक विशेष स्टॉल स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
अंत में डॉ. सैनी ने कहा जौलजीबी मेला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसकी परंपरा और गौरव को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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