नयी दिल्ली , जनवरी 02 -- दिल्ली कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने भारत टैक्सी ऐप को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे एक गैर-ज़िम्मेदाराना प्रयोग बताया है।

डॉ. कुमार ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस ऐप को लॉन्च करने की घोषणा की है, जिसकी शुरुआत 26 जनवरी से दिल्ली में की जानी है। सरकार का दावा है कि यह ऐप राजधानी में ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी टैक्सी सेवाओं का विकल्प होगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

उन्होंने कहा कि यह योजना कागजों पर भले ही सही दिखती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है और जनता अब खोखले नारों और दिखावटी योजनाओं को अच्छी तरह समझ चुकी है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस योजना का सबसे बड़ा नकारात्मक पहलू यह है कि सरकार ने केवल एक ऐप बनाकर अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। इसमें न तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई स्पष्ट रणनीति बनाई गई है और न ही चालक की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कोई प्रभावी तंत्र तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस ऐप में सरकार ने निर्धारित शुल्क तय किया है, जबकि चालक के पास ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी टैक्सी ऐप पहले ही उपलब्ध हैं , जिसका नतीजा यह होगा कि चालक केवल उन्हीं क्षेत्रों में सेवा देना पसंद करेंगे जहां उन्हें ज्यादा पैसे मिलेंगे , जबकि रिमोट एरिया जैसे दूरदराज और पिछड़े इलाकों के नागरिक इस सुविधा से वंचित रह जाएंगे।

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