नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने कहा है कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी निरंतर प्रगति के पथ पर है और वैश्विक व्यवस्था को आकार देने तथा अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में जोखिम कम करने की अपार क्षमता रखती है। डा.जयशंकर ने शुक्रवार को यहां जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के साथ 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता के बाद यह बात कही।

दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग, समुद्री सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, लोगों के बीच परस्पर संपर्क तथा बहुपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी उपयोगी विचार-विमर्श किया।

मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, " आज नयी दिल्ली में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के साथ 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता कर प्रसन्नता हुई। भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी निरंतर प्रगति के पथ पर है और वैश्विक व्यवस्था को आकार देने तथा अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में जोखिम कम करने की अपार क्षमता रखती है। आज आर्थिक सहयोग, समुद्री सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, जन-से-जन संपर्क तथा बहुपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर हुई चर्चाएं हमारे साझा हितों और पारस्परिक समझ को दर्शाती हैं। इसके साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी उपयोगी विचार-विमर्श हुआ।"डा. जयशंकर ने वार्ता के दौरान अपने जापनी समकक्ष से कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जापान के साथ काम करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। दोनों देशों के बड़े लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था होने के मद्देनजर दोनों के पास न केवल अवसर है, बल्कि जिम्मेदारी और कर्तव्य भी है कि हम वैश्विक व्यवस्था को आकार दें। उन्होंने कहा कि मौजूदा अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में यह और भी महत्वपूर्ण है कि हम साझा रणनीतिक लक्ष्यों की दिशा में करीबी सहयोग करें।

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