पिथौरागढ़ , मार्च 19 -- लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार पुनः शुरू होगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने बताया कि विदेश मंत्रालय से अनापत्ति मिलने के बाद दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार को पुनः संचालित करने की योजना है। भारत-चीन समझौते के अनुसार व्यापार अवधि जून से सितंबर तक निर्धारित है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि व्यापार शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। इसमें ट्रेड पास जारी करना, बैंकिंग सुविधा, कस्टम तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं। पिछली बार 265 व्यापारियों को ट्रेड पास जारी किए गए थे, जबकि इस बार संख्या बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि व्यापार के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से नकद और मुद्रा विनिमय की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा सीमा शुल्क विभाग से कस्टम स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
सीमा व्यापार के तहत आयात में ऊन, पश्मीना, नमक, बोरेक्स, रेशम और याक से जुड़े उत्पाद शामिल होंगे जबकि निर्यात में कपड़ा, मसाले, आटा, सूखे मेवे, सब्जियां और कृषि उपकरण प्रमुख रहेंगे। पिछले व्यापार सत्र में करीब 1.25 करोड़ रुपये का निर्यात और 1.90 करोड़ रुपये का आयात दर्ज किया गया था।
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