नयी दिल्ली , दिसंबर 28 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत के युवाओं में हमेशा कुछ नया करने का जुनून है और वो उतने ही जागरूक भी हैं।
श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 129वीं कड़ी में रविवार को कहा "आज दुनिया भारत को बहुत आशा के साथ देख रही है। भारत से उम्मीद की सबसे बड़ी वजह है, हमारी युवा शक्ति। विज्ञान के क्षेत्र में हमारी उपलब्धियां, नए-नए नवाचार , तकनीक का विस्तार इनसे दुनियाभर के देश बहुत प्रभावित हैं।"उन्होंने कहा "भारत के युवाओं में हमेशा कुछ नया करने का जुनून है और वो उतने ही जागरूक भी हैं। मेरे युवा साथी कई बार मुझसे यह पूछते हैं कि राष्ट्र निर्माण में वो अपना योगदान और कैसे बढ़ाएं? वो कैसे अपने विचारों को साझा कर सकते हैं। हमारे युवा साथियों की इस जिज्ञासा का समाधान है 'विकसित भारत यंग इंडिया लीडर्स डायलॉग'। पिछले साल इसका पहला आयाेजन हुआ था, अब कुछ दिन बाद उसका दूसरा आयाेजन होने वाला है। अगले महीने की 12 तारीख को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 'राष्ट्रीय युवा दिवस' मनाया जाएगा। इसी दिन 'यंग लीडर्स डायलॉग' का भी आयोजन होगा और मैं भी इसमें जरूर शामिल होऊंगा। इसमें हमारे युवा नवाचार , फिटनेस , स्टार्ट अप और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।
उन्होंने कहा "मुझे ये देखकर अच्छा लगा कि इस कार्यक्रम में हमारे युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। कुछ दिनों पहले ही इससे जुड़ी एक क्विज प्रतियोगिता में 50 लाख से अधिक युवा शामिल हुए। एक निबंध प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें छात्रों ने विभिन्न विषयों पर अपनी बातें रखीं। इस प्रतियोगिता में तमिलनाडु पहले और उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा।
प्रधानमंत्री ने कहा "आज देश के भीतर युवाओं को प्रतिभा दिखाने के नए- नए अवसर मिल रहे हैं। ऐसे बहुत से प्लेटफार्म विकसित हो रहे हैं, जहां युवा अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार प्रतिभा दिखा सकते हैं। ऐसा ही एक प्लेटफार्म है- 'स्मार्ट इंडिया हैक्थोन' जहां विचार, एक्शन में बदलते हैं। 'स्मार्ट इंडिया हैक्थोन 2025' का समापन इसी महीने हुआ है। इस हैक्थोन के दौरान 80 से अधिक सरकारी विभागों की 270 से ज्यादा समस्याओं पर छात्रों ने काम किया। छात्रों ने ऐसे समाधान दिए, जो वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जुड़े थे जैसे ट्रैफिक की समस्या है। इसे लेकर युवाओं ने 'स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट ' से जुड़े बहुत ही रुचिकर विचार साझा किए। वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसी चुनौतियों के समाधान पर भी युवाओं ने अपने विचार सामने रखे। पिछले सात आठ साल में 'स्मार्ट इंडिया हैक्थोन' में 13 लाख से ज्यादा छात्रों और छह हजार से ज्यादा संस्थान हिस्सा ले चुके हैं।
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