नयी दिल्ली , दिसंबर 09 -- भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से 17 से 19 दिसंबर राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली में पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरे विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी करेगा।

इस सम्मेलन में चिकित्सा क्षेत्र के वैश्विक दिग्गज, नीति निर्माता, शोधकर्ता और विशेषज्ञ पारंपरिक चिकित्सा में नवाचार, साक्ष्य-आधारित अभ्यास और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श के लिए इस शिखर सम्मेलन में एक साथ भाग लेंगे।

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव की अध्यक्षता में सोमवार को आयुष मंत्रालय में एक पूर्वावलोकन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर श्री जाधव ने पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व और वैज्ञानिक विश्वसनीयता तथा वैश्विक सहयोग को बढ़ाने में राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।

दिल्ली में सीसीआरएएस का केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान आयुर्वेदिक अनुसंधान और नैदानिक प्रगति का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। संस्थान के प्रभारी निदेशक डॉ. हेमंत पाणिग्रही ने बताया कि सीएआरआई के एकीकृत नैदानिक, मौलिक और नीतिगत अनुसंधान ने जीवनशैली से जुडे और गैर-संचारी रोगों के समाधान में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित