मुंबई , अक्टूबर 29 -- केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि समुद्री क्षेत्र आठ हजार अरब रुपये का निवेश आकर्षित करने के लिए तैयार है और वर्ष 2047 तक यह 1.5 करोड़ नये रोजगार भी पैदा करेगा।
श्री पुरी ने बुधवार को 'भारत समुद्री सप्ताह' कार्यक्रम में कहा कि महासागर बाधाएं नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए पुल हैं। उन्होंने कहा कि देश समुद्री क्षेत्र को विकसित और आत्मनिर्भर भारत का एक सशक्त वाहक बनाने के लिए वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि देश भारत -मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा जैसी पहलों के माध्यम वैश्विक व्यापार मार्गों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत समावेशी और समुद्री अर्थव्यवस्था को भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इसके साथ ही बंदरगाहों का भी आधुनिकीकरण भी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और अब सकल घरेलू उत्पाद लगभग चार लाख 30 हजार करोड़ डॉलर है। इसका लगभग आधा हिस्सा बाहरी क्षेत्र से आता है, जिसमें निर्यात, आयात और प्रेषण शामिल हैं। यह दर्शाता है कि व्यापार और नौवाहन देश की आर्थिक प्रगति के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
श्री पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के समुद्री क्षेत्र में पिछले ग्यारह वर्षों में बड़े बदलाव हुए हैं। बंदरगाह क्षमता 2014 में 872 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़कर आज 1,681 मिलियन टन हो गई है, जबकि कार्गो की मात्रा 581 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 855 मिलियन टन हो गई है। इसके अलावा 'टर्नअराउंड समय' में 48 प्रतिशत की कमी के साथ दक्षता में भी सुधार हुआ है।
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