गांधीनगर , जनवरी 07 -- गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बुधवार को 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग : 2026' के लिए गुजरात और महाराष्ट्र से चयनित युवाओं के साथ यहां लोकभवन में संवाद किया और कहा कि भारत का भविष्य उसकी युवाशक्ति में निहित है।

श्री देवव्रत ने इस अवसर पर कहा कि विकसित भारत एट2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई इस अनोखी पहल के माध्यम से देशभर से चयनित लगभग 3,000 युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर अपने विचार, नवाचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम केवल संवाद नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है।

राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्यों और मानवता से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम्' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' जैसी भारतीय विचारधाराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यही भारत की आत्मा है, जो विश्व को शांति, प्रेम और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाती है।

उन्होंने सहजतापूर्ण वातावरण में हुए इस संवाद के दौरान युवाओं से आह्वान किया कि वह नवोन्मेष, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का राष्ट्रहित में उपयोग करें और त्वरित परिणाम की अपेक्षा करते हुए परिश्रम, ईमानदारी और नैतिकता को जीवन का लक्ष्य बनाएं।

प्राकृतिक खेती पर विचार प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, मानव स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के कल्याण का अभियान है। उन्होंने युवाओं से इस विचार को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित