नयी दिल्ली , नवंबर 13 -- भारत और कनाडा के बीच व्यापार एवं निवेश पर सातवीं मंत्री स्तरीय चर्चा में द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के निर्यात संवर्धन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं आर्थिक विकास मंत्री मनिंदर सिद्धू ने गुरुवार को यहां आयोजित इस बैठक की सह-अध्यक्षता की। यह बैठक द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को पुनर्जीवित करने तथा सहयोग के लिए एक दूरदर्शी एजेंडा निर्धारित करने के उद्देश्य से एक नये चरण की शुरुआत थी। यह 13 अक्टूबर 2025 के संयुक्त वक्तव्य, "एक मजबूत साझेदारी की दिशा में गति को नवीनीकृत करना" के अनुरूप है, जिसमें व्यापार को द्विपक्षीय आर्थिक विकास और लचीलेपन की आधारशिला बताया गया है।
मंत्रियों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक विविधता और बढ़ती आर्थिक पूरकताओं पर आधारित भारत-कनाडा संबंधों की स्थायी मजबूती की पुष्टि की। उन्होंने कनाडा में लगभग 29 लाख भारतीय प्रवासियों और 4,27,000 से अधिक भारतीय छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रवासी भारतीयों और छात्रों का योगदान दोनों समाजों को समृद्ध बना रहा है और गहरी समझ, नवाचार तथा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने वाले सेतु का काम कर रहा है।
भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 2023 में 18.38 अरब डॉलर रहा। मंत्रियों ने द्विपक्षीय निवेश में निरंतर वृद्धि का स्वागत किया और एक खुले, पारदर्शी तथा पूर्वानुमानित कारोबारी माहौल को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई जो सतत और समावेशी विकास को बढ़ावा दे।
चर्चा के अंत में दोनों मंत्रियों ने पारस्परिक सम्मान, विश्वास और सहयोग की भावना पर आधारित भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी को नवीनीकृत और पुनर्जीवित करने के अपने साझा दृष्टिकोण की पुष्टि की। वे आज की रचनात्मक चर्चाओं को ठोस परिणामों में बदलने पर सहमत हुए जो साझा समृद्धि को बढ़ावा देंगे तथा भारत-कनाडा संबंधों को परिभाषित करने के लिए गहराई और गतिशीलता को प्रतिबिंबित करेंगे।
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