नयी दिल्ली , मार्च 02 -- भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए वार्ता शुरू की और इसे जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया। भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के संदर्भ की शर्तों (टीओआर) पर सोमवार को राजधानी में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने हस्ताक्षर किए।
दोनों मंत्रियों ने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की उपस्थिति में इन दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता आर्थिक सहयोग की पूर्ण संभावनाओं को साकार करना है, जिसके लिए भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को शीघ्र अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि यह एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है, जिसमें नई महत्वाकांक्षाएं, स्पष्ट लक्ष्य और दूरदर्शिता शामिल हैं। भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक वार्ताओं की संदर्भ शर्तें एक महत्वाकांक्षी, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को संपन्न करने के उद्देश्य से वार्ताओं को सुगम बनाने हेतु मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेंगी।
अक्टूबर 2025 में कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी7 बैठक से इतर हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनो देशों के नेताओं द्वारा दिए गए वक्तव्य के अनुपालन में दोनों पक्षों ने भारत-कनाडा सीईपीए की बातचीत के लिए टीओआर को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया धा।
इन वार्ताओं में वस्तुओं, सेवाओं और पारस्परिक रूप से सहमति के अन्य नीतिगत क्षेत्रों के संदर्भ में वरीयता के आधार पर व्यापार और सहयोग के समझौते पर बातचीत होगी।
कनाडा की आबादी 4.165 करोड़ की है और वह 2340 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था है। दोनों देशों के बीच वित्त वर्ष 2024-25 में 8.66 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ था जिसमें भारत का निर्यात 4.22 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर था।
भारत से कनाडा को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में दवाएं और फार्मास्यूटिकल्स, लोहा और इस्पात, समुद्री भोजन, सूती वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन आदि शामिल हैं। भारत द्वारा कनाडा से आयात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में दाल, मोती और अर्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चा पेट्रोलियम शामिल हैं।
भारत द्वारा कनाडा को निर्यात की जाने वाली सेवाओं के प्रमुख क्षेत्रों में दूरसंचार, कंप्यूटर और सूचना सेवाएं और अन्य व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भविष्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं और सीईपीए के संपन्न होने के बाद इनमें और विस्तार होने की उम्मीद है।
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि कनाडा में 425,000 से अधिक भारतीय छात्र और एक मजबूत भारतीय समुदाय भी रहता है। भारत-कनाडा के बीच जन संबंध ''एक परिवार'' की तरह है और सीईपीए के संपन्न होने से दोनों देशों के बीच ये जनसंबंध और मजबूत होगा।
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