नई दिल्ली , नवंबर 18 -- भारत और रूस ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और दीर्घकालिक आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग के साझा दृष्टिकोण पर आधारित गहन, स्थायी और विशेष रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करते हुए समुद्री क्षेत्र में सहयोग का संकल्प लिया है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि सोमवार देर रात संपन्न हुई उच्च स्तरीय अंतर-एजेंसी बैठक में दोनों देशों ने अधिक लचीली, कुशल और टिकाऊ समुद्री साझेदारी का संकल्प लिया जो उनकी दीर्घकालिक समृद्धि में योगदान देगी और क्षेत्रीय एवं वैश्विक संपर्क को मजबूत करेगी।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने किया जबकि रूसी पक्ष का नेतृत्व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी और रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष निकोलाई पात्रुशेव ने किया।

दोनों पक्षों ने उनके बीच समुद्री सहयोग के संपूर्ण परिदृश्य की समीक्षा की। उन्होंने जहाज निर्माण, व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी सहयोग सहित संभावित सहयोग का पता लगाने के लिए कई मुद्दों पर भी चर्चा की।

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों ने व्यापक और दूरदर्शी चर्चाओं पर संतोष व्यक्त किया तथा जहाज निर्माण, बंदरगाह विकास, समुद्री रसद, आर्कटिक परिचालन, अनुसंधान और प्रशिक्षण में सहयोग को गहरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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