नयी दिल्ली , नवम्बर 18 -- भारत और जर्मनी ने रक्षा और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग तथा साझेदारी को मजबूत बनाने पर बल दिया है।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने मंगलवार को यहां जर्मनी के अपने समकक्ष जेन्स प्लॉटनर के साथ भारत-जर्मनी उच्च रक्षा समिति की बैठक की सह-अध्यक्षता की। उन्होंने रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों सहित कई द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा मुद्दों पर चर्चा की।
दोनों पक्षों ने भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में रक्षा संबंधों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और सैन्य अभ्यासों की स्थापना सहित द्विपक्षीय आदान-प्रदान को तेज करने पर भी चर्चा की। जर्मनी ने कहा है कि वह अगले वर्ष होने वाले बहुराष्ट्रीय वायु युद्ध अभ्यास तरंग शक्ति और बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन में भाग लेगा।
रक्षा सचिव ने हिन्द महासागर क्षेत्र में पहले मदद का हाथ बढाने वाले देश के रूप में भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए जर्मन प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इस क्षेत्र के प्रति भारत का दृष्टिकोण महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास की पारस्परिक और समग्र उन्नति) के उसके दृष्टिकोण से निर्देशित है। भारत विकास साझेदारी, रक्षा और समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हिन्द महासागर के देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। जर्मनी ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका की सराहना की।
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