नयी दिल्ली , फरवरी 19 -- टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने गुरुवार को कहा कि भारत उभरते कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) युग की न केवल तैयारी कर रहा है बल्कि देश इस युग का नेतृत्व करने का पक्का इरादा कर के आगे बढ़ रहा है।

श्री चंद्रशेखरन यहां भारत एआई इम्पैक्ट सम्मेलन-2026 के औपचारिक उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। एआई पर अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा यह आयोजन यहां भारत मंडपम में 16 फरवरी से चल रहा है और 21 फरवरी को सम्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों का एआई में भरोसा है और भारत का यह भरोसा आबादी के बड़े पैमाने पर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में उसकी सफलता से आया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रां और प्रौद्योगिकी जगत के विश्व भर से एकत्रित कार्यकारियों की उपस्थिति में श्री चंद्रशेखरन ने कहा, " एआई में कुछ भी कृत्रिम नहीं - यह असली है।" "यह डेटा से सीखता है, यह हर दिन तेज़ी से सीखता है, और यह तेज़ी से बढ़ता है। इन सबको मिलाकर, मेरे हिसाब से, एआई अगला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। यह बुद्धिमत्ता का इंफ्रास्ट्रक्चर है।"उन्होंने कहा, ' प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने एआई को एक " रणनीतिक राष्ट्रीय सामर्थ्य" के रूप में लिया है।' इसमें कंप्यूटर चिप और प्रणाली से लेकर ऊर्जा और एप्लिकेशन तक, इंडिया एआई मिशन, सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम जैसी पहलों के साथ-साथ क्लीन एनर्जी सुधारों को पूरी तरह से एक साथ लाया गया है।

श्री चंद्रशेखरन ने ज़ोर दिया कि भारत भरोसे वाले, मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली क्षमता के साथ बड़े पैमाने पर एआई बना रहा है। उन्होंने देश के डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम, जो 1.4 बिलियन लोगों को कवर करता है, और एक डिजिटल पेमेंट इंटरफ़ेस, जो दुनिया के लगभग आधे ट्रांज़ैक्शन के लिए ज़िम्मेदार है, को इस बात के उदाहरण के तौर पर बताया कि बड़े नेशनल टेक्नोलॉजी प्रोग्राम क्या हासिल कर सकते हैं।

उन्होंने एआई के विकास को केंद्रीय महत्व का मिशन बनाने और इसे समावेशी बनाने की जरूत पर बल दिया। उन्होंने कहा "हमारा मिशन एआई को इस देश के हर व्यक्ति और हर नागरिक के लिए काम करने लायक बनाना होना चाहिए। हमें एआई टूल्स को देश के आखिरी व्यक्ति और असल में, धरती पर मौजूद हर व्यक्ति के हाथों में देना चाहिए।"श्री चंद्रशेखरन ने टाटा समूह की आईटी साफ्टवेयर और साफ्टवेयर सेवा कंपनी टीसीएस द्वारा इसी सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में 1,500 ग्रामीण महिलाओं के साथ आयोजित एआई कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इन महिलाओं का पहले डिजिटल प्रौद्योगिकी का कोई अनुभव नहीं था फिर भी उन्होंने कुछ ही घंटों में एआई टूल का इस्तेमाल करना सीखा और दुनिया भर के दर्शकों की नजरों के ही सामने विपणन के लिए प्रचार अभियान तैयार किया।

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