कोच्चि , जनवरी 29 -- भारतीय मसाला बोर्ड की अध्यक्ष संगीता विश्वनाथन ने कहा है कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह अंतरराष्ट्रीय परिवेश में भारत की बढ़ती आर्थिक क्षमता एवं सक्रिय कूटनीति को दर्शाता है।

सुश्री विश्वनाथन ने कहा कि यह समझौता रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर हुआ है, जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को फिर से परिभाषित किया जा रहा है और विश्वसनीय व्यापारिक साझेदारियों का महत्व फिर से बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यह संधि एक भरोसेमंद, प्रतिस्पर्धी और दूरदर्शी व्यापारिक भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करती है और विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय निर्यात के लिए नई संभावनाएं खोलती है। इस समझौते का भारतीय मसाला बोर्ड के नजरिए से विशेष महत्व है, क्योंकि यूरोपीय संघ भारतीय मसालों के लिए उच्च मूल्य वाले गंतव्यों में से एक बना हुआ है।

एफटीए के तहत बाजार तक बेहतर पहुंच, गहरे सहयोग और अधिक व्यापार से मसाला निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे निर्यातकों को बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी और गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ एवं व्यापार में भारत का नेतृत्व और मजबूत होगा।

सुश्री विश्वनाथन ने कहा कि यह समझौता भारत के प्रति वैश्विक धारणा में आए स्पष्ट बदलाव का भी संकेत देता है, जो देश की मजबूत अनुपालन प्रणालियों, पारदर्शी शासन ढांचे और निरंतर निर्यात-उन्मुख सुधारों को स्वीकार करता है।

अध्यक्ष ने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता निर्यातकों के बीच नया आत्मविश्वास पैदा करेगा, मूल्य वर्धित और ब्रांडेड उत्पादों में निवेश को प्रोत्साहित करेगा तथा पूरे मसाला मूल्य श्रृंखला में किसानों एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को सशक्त बनाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित