नई दिल्ली , जनवरी 24 -- यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख सुश्री काजा कल्लास शनिवार को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर राजधानी पहुँचीं । उनकी इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा, सुरक्षा और व्यापार क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग का और विस्तार करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का एक उपयुक्त समय है, जो नियमित उच्च-स्तरीय संवादों की गति पर आधारित है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ईयू की उच्चस्तीय प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कल्लास का उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर हार्दिक स्वागत है। यह यात्रा भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने का एक उपयुक्त अवसर है, जो नियमित उच्च-स्तरीय सहभागिताओं की गति पर आधारित है।"भारत और यूरोपीय संघ उस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं जो " अब तक का सबसे बड़ा समझौता " हो सकता है ।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू के बीच प्रस्तावित समझौते के बारे में पिछले दिनों दावोस में विश्व आर्थिक मंच में अपने भाषणा में कहा कि दोनों पक्ष समझौते के करीब है और यह लगभग 2 अरब लोगों का एक विशाल बाजार तैयार करेगा।
सुश्री वॉन डेर लेयेन ने ज़ोर देकर कहा कि यह नया समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग एक-चौथाई हिस्से को समेटेगा, जिससे भारत और यूरोपीय संघ 21वीं सदी के प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बनकर उभरेंगे।
सुश्री काजा कल्लास ने कुछ दिन पहले यूरोपीय संसद में कहा था कि भारत के साथ एक नए एजेंडा पर काम करने के लिए यूरोप तैयार है । उन्होंने यह भी घोषणा की कि यूरोपीय संघ ने एक नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति दे दी है।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी में मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर होंगे और 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन की प्रधानमंत्री के साथ मिल कर अध्यक्षता करेंगे।
इस दौरान उनके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने और प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करने की संभावना है। शिखर सम्मेलन के इतर एक भारत-ईयू व्यापार बैठक का आयोजन भी किया जा सकता है।
भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं। पिछला भारत-ईयू शिखर सम्मेलन जुलाई 2020 में वर्चुअल रूप से आयोजित किया गया था। फरवरी 2025 में यूरोपीय आयोग के सदस्यों की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय गहराई आई है।
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