नागपुर , फरवरी 7 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने शनिवार को चेतावनी दी कि प्रस्तावित भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते से महाराष्ट्र के किसानों पर बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि यह अमेरिका से ड्यूटी-फ्री खेती के आयात की इजाजत देता है।

यहां मीडिया को संबोधित करते हुए श्री वडेट्टीवार ने कहा कि दोनों देश एक अंतरिम व्यापार व्यवस्था के ढांचे पर सहमत हुए हैं। इसके तहत अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जायेगा, जबकि अमेरिका से भारत आने वाले कृषि उत्पादों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता श्री वडेट्टीवार ने कहा, "यह असंतुलन भारतीय किसानों को नुकसान पहुँचायेगा, खासकर तब जब उनकी फसलें कटाई के लिए तैयार हैं। जहां भारतीय कृषि निर्यात को अमेरिकी बाजार में 18 प्रतिशत शुल्क का सामना करना पड़ेगा, वहीं अमेरिकी कृषि उत्पाद शून्य शुल्क पर भारत में प्रवेश करेंगे।"उन्होंने आगाह किया कि यह सौदा भारतीय किसानों की उगायी जाने वाली सोयाबीन, गेहूं, कपास और मक्का जैसी प्रमुख फसलों के लिए बाजार के अवसरों को खत्म कर सकता है। यह दावा करते हुए कि दबाव में इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया है? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जल्द ही इस फैसले के दुष्परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

कांग्रेस नेता ने राज्य में कृषि संकट पर कहा कि बढ़ते कर्ज के बोझ के कारण अकेले जनवरी के दौरान यवतमाल जिले में 22 किसानों ने आत्महत्या की है।

चुनाव पूर्व के वादों का जिक्र करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को कर्ज माफी का आश्वासन दिया था, लेकिन 18 महीने से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सरकार इसे लागू करने में विफल रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार के भेजे कृषि ऋण राहत का प्रस्ताव केंद्र ने खारिज कर दिया है।

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