भोपाल , फरवरी 23 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने सोमवार को राजधानी के श्यामला हिल्स और लखेरापुरा चौक बाजार क्षेत्र में प्रदेश के व्यापारियों से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में संवाद किया।
इस अवसर पर श्री चौधरी ने कहा कि यह व्यापार समझौता केवल किसानों ही नहीं, बल्कि देश के व्यापार, उद्योग और रोजगार व्यवस्था के लिए भी अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, मक्का और सरसों जैसे प्रमुख कृषि क्षेत्रों पर इसका सीधा और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि समझौते के तहत मक्का के भूसे के आयात की अनुमति दी गई है तथा सोयाबीन तेल पर पूर्व में लगने वाला 16 प्रतिशत सीमा शुल्क घटाकर शून्य कर दिया गया है। इससे सोयाबीन से जुड़े उद्योगों पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही कपास एवं वस्त्र उद्योग पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जबकि देश में सर्वाधिक रोजगार इसी क्षेत्र से मिलता है।
श्री चौधरी ने कहा कि फल उद्योग पर भी शून्य प्रतिशत सीमा शुल्क लागू किए जाने से बागवानी करने वाले किसान प्रभावित होंगे। यह समझौता कृषि, उद्योग और व्यापार-तीनों क्षेत्रों में असंतुलन उत्पन्न करने वाला है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस समझौते के माध्यम से देश का संवेदनशील आंकड़ा विदेशों में जाने का खतरा हो सकता है, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है।
ऊर्जा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका द्वारा ईरान से तेल न खरीदने का दबाव बनाया गया और अब रूस से तेल आयात पर भी पाबंदी की बात कही जा रही है, जिससे देश को लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कथित जनविरोधी समझौते के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
इस दौरान गोविंद गोयल, राजीव अग्रवाल, दीप्ति सिंह, अभिनव बरोलिया, नितिन राजोरिया, वात्सायन जैन, अभिषेक जैन एवं राजेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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