मोहाली , फरवरी 20 -- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के मोहाली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इसे पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल किशोर शर्मा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से डीसी कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज करायीं।
श्री सिद्धू ने कहा कि यह व्यापार समझौता पंजाब के किसानों की कमर तोड़ देगा और युवाओं को संकट में धकेल देगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती और कृषि प्रधान राज्य होने के कारण पंजाब पर इसका सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यदि सस्ती विदेशी कृषि उपज को भारतीय बाजार में प्रवेश दिया गया तो छोटे और सीमांत किसान भारी सब्सिडी और आधुनिक तकनीक से लैस अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि कृषि क्षेत्र के कमजोर होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और युवाओं के रोजगार के अवसर घटेंगे। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी और सामाजिक समस्याएं विशेषकर नशे की समस्या और गंभीर हो सकती हैं। श्री सिद्धू ने कहा कि आर्थिक अस्थिरता और बेरोजगारी का फायदा देश-विरोधी ताकतें उठा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि मजबूत कृषि व्यवस्था और आत्मनिर्भर युवा ही राज्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा की आधारशिला हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और मनमोहन सिंह का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा किसानों के हितों की रक्षा की और कृषि बाजारों को विदेशी उत्पादों के लिए नहीं खोला।
कांग्रेस नेताओं ने पंजाब के राज्यपाल से इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने और समझौते की पुनर्समीक्षा करने की मांग की है।
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