लखनऊ , जनवरी 21 -- भारतेन्दु नाट्य अकादमी की ओर से आयोजित शीतकालीन कार्यशाला के तहत शहर के रंगमंच प्रेमियों को दो नाट्य प्रस्तुतियाँ देखने को मिलेंगी। अकादमी परिसर में आयोजित इस कार्यशाला में प्रशिक्षित 62 विद्यार्थियों को दो समूहों में विभाजित किया गया है, जो अलग-अलग तिथियों पर अपने नाटकों का मंचन करेंगे।
कार्यक्रम के तहत कालिदास रचित ''अभिज्ञान शाकुंतलम्'' का मंचन 22 जनवरी को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी में किया जाएगा। वहीं दूसरा नाटक ''गैजेट'' 29 जनवरी को कला मंडपम ऑडिटोरियम में प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यशाला के निदेशक एवं फैकल्टी सदस्य प्रविन्द्र सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में किशोर उम्र से लेकर 50 वर्ष से अधिक आयु के रंगमंच प्रेमियों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि नाटकों की पटकथा के अनुसार प्रतिभागियों को दो समूहों में बाँटा गया है। अधिकांश प्रतिभागी पहली बार मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं और उनका प्रदर्शन सराहनीय है।
''अभिज्ञान शाकुंतलम्'' का निर्देशन अकादमी की 1999 बैच की पूर्व छात्रा रोज़ी मिश्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मूल रूप से संस्कृत में लिखे इस नाटक को हिंदी में रूपांतरित किया गया है और इसका मंचन प्राचीन भरतनाट्यशास्त्र के सिद्धांतों के अनुरूप किया जा रहा है। नाटक में संवाद, मुद्राएँ, गायन और नृत्य प्रमुख तत्व हैं, जबकि वेशभूषा भी उसी कालखंड के अनुसार तैयार की गई है।
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