शिमला , नवंबर 12 -- भारतीय सेना हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में 20 स्थानों पर पवन टरबाइन परियोजनाएँ स्थापित करने पर विचार कर रही है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।

राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने बुधवार को भारतीय सेना की मध्य कमान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में सेना की ओर से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने सेना को उसकी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस परियोजना से सालाना 68,000 से 80,000 किलोवाट घंटे ऊर्जा उत्पन्न होने की उम्मीद है, जो 120 से 160 घरों को बिजली प्रदान करने के लिए पर्याप्त है।श्री सुखू ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि राज्य सरकार और भारतीय सेना द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई सीमा पर्यटन पहल उत्साहजनक परिणाम दे रही है।इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटकों की आमद में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है जो 2024 में लगभग 21,000 से बढ़कर 2025 में 70,000 से अधिक हो गई है। यह तीन गुना से अधिक वृद्धि है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों के लिए सभी संभव सुविधाएँ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि उनका समग्र अनुभव बेहतर हो सके।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने शिपकी ला के माध्यम से व्यापार गतिविधियों को फिर से शुरू करने के संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और सकारात्मक संकेत मिले हैं। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण भारत और चीन दोनों लिपुलेख दर्रे, शिपकी-ला दर्रे और नाथू-ला दर्रे के माध्यम से सीमा व्यापार को फिर से खोलने पर सहमत हो गए हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित