ईटानगर , मई 01 -- भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर शुक्रवार को अरूणचल प्रदेश की मेचुका घाटी में अग्रिम स्थानों पर भारवाहकों के समर्पण, जीवटता और योगदान को लेकर उन्हें सम्मानित किया गया, जो चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियानों को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

स्पीयर कोर की स्पीयरहेड डिवीजन की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम के बीच दूरदराज की अग्रिम चौकियों तक आवश्यक आपूर्ति और रसद पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करने का मंच बना। कार्यक्रम में 50 से अधिक भारवाहकों ने संवाद और चाय के कार्यक्रम में भाग लिया।

अधिकारियों ने बताया कि भारवाहक सीमावर्ती क्षेत्रों में अभियानों को सुचारू रखने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो अक्सर कठिन वातावरण में अपनी जीवटता और प्रतिबद्धता से काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस पहल ने सशस्त्र बलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय समुदायों के बीच अटूट रिश्ते को और अधिक मजबूती प्रदान की। 'ऑपरेशन सद्भावना' की भावना के तहत ऐसे जनसंपर्क कार्यक्रम जमीनी स्तर पर सद्भावना, सहयोग और नागरिक-सैन्य भाईचारे को बढ़ावा दे रहे हैं।

कार्यक्रम का समापन सेना ने भारवाहकों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र में परिचालन दक्षता बनाये रखने में उनके अपरिहार्य सहयोग को स्वीकार किया गया।

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