नयी दिल्ली , जनवरी, 08 -- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 10 से 18 जनवरी तक आयोजित होने वाला विश्व पुस्तक मेला पहली बार सभी के लिये नि:शुल्क होगा। दुनिया का सबसे बड़ा पाठक-केंद्रित नौ दिवसीय नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (एनडीडब्ल्यूबीएफ) अपने 53वें आयोजन के साथ पुस्तक प्रेमियों के लिये तैयार है।

पुस्तक मेले का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), भारत द्वारा शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत किया जा रहा है। भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) इस मेले का सह-आयोजक है। आयोजकों के अनुसार, निःशुल्क प्रवेश का उद्देश्य अधिक से अधिक पाठकों, छात्रों और युवाओं को पुस्तकों से जोड़ना है। मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशक भाग लेंगे। पुस्तक मेले में करीब 600 से अधिक साहित्यिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में 1,000 से ज्यादा लेखक, वक्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार मेले में 20 लाख से अधिक आगंतुक पहुंचेंगे। पुस्तक मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। इस अवसर पर कतर (गेस्ट ऑफ ऑनर कंट्री) और स्पेन (फोकस कंट्री) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।

यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में प्रो. मिलिंद सुधाकर ने संवाददाताओं से कहा कि पुस्तक मेले में भारत की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों की सम्मान की भावना के तहत इस वर्ष की थीम 'इंडियन मिलिट्री हिस्ट्री: वैलर एंड विज़डम-75 (भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और ज्ञान -75) रखा गया है।

इस अवसर पर एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि 2026 की शुरुआत किताबों के साथ करना देश की पढ़ने की संस्कृति को मज़बूत करेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं और जेन-ज़ी को किताबों से जोड़ने के लिए मेले को पूरी तरह निःशुल्क किया गया है। आईटीपीओ के कार्यकारी निदेशक प्रेमजीत लाल ने कहा कि यह मेला पुरानी और नई पीढ़ी के बीच सेतु का काम करता है।

मेले का मुख्य आकर्षण थीम पवेलियन होगा, जो करीब 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित किया गया है। यह पवेलियन भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की वीरता, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समर्पित है। पवेलियन में 500 से अधिक पुस्तकों, पोस्टरों, डॉक्यूमेंट्री और विशेष इंस्टॉलेशन को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस के प्रतिरूप भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा 21 परमवीर चक्र विजेताओं को विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी।

इस मेले में थीम आधारित कार्यक्रमों में रक्षा विशेषज्ञ के तौर पर जनरल वीके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ, मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो, एयर मार्शल विक्रम सिंह, एयर मार्शल नारायण मेनन,स्क्वाड्रन लीडर राणा टीएस छिन्ना, कर्नल एससी त्यागी और कैप्टन (डॉ.) सुनैना सिंह जैसे रक्षा विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये वक्ता युवाओं को नेतृत्व, देशभक्ति और सेवा भावना से प्रेरित करेंगे।

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