नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारतीय समाज की सामूहिकता की जड़ें उसकी मजबूत परिवार व्यवस्था में हैं और दुनिया के कई देशों में भारतीय परिवार प्रणाली को कौतूहल और सम्मान के साथ देखा जाता है।

श्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात' में गुजरात के बेचराजी क्षेत्र के चंदनकी गांव में बुजुर्गों के लिये सामूहिक रसोई की चर्चा करते हुये कहा कि यह भारतीय समाज की असली ताकत और उसके मूल्य-तंत्र को दर्शाती हैं जहां एकजुटता और सामूहिक भावना सर्वोपरि रही है।

श्री मोदी ने बताया कि इस गांव में विशेषकर बुजुर्ग अपने घरों में भोजन नहीं बनाते, बल्कि गांव का सामुदायिक रसोईघर, जहां पूरे गांव के लिए एक साथ खाना तैयार होता है और सभी लोग मिलकर भोजन करते हैं। यह परंपरा पिछले 15 वर्षों से लगातार चली आ रही है। इतना ही नहीं, यदि कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसके लिए टिफिन सेवा के जरिए घर तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाती है। यह सामूहिक भोजन व्यवस्था न केवल लोगों को जोड़ती है, बल्कि पारिवारिक भावना को भी मजबूत करती है।

श्री मोदी ने कहा कि हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि यूएई ने साल 2026 को 'ईयर ऑफ फैमिली' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, ताकि समाज में सौहार्द और सामुदायिक भावना को और सुदृढ़ किया जा सके। इसे भारत की पारिवारिक परंपरा से प्रेरित एक सराहनीय पहल माना जा रहा है।

श्री मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले का शेखगुंड गांव इसका उदाहरण है। यहां नशे, तंबाकू, सिगरेट और शराब से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही थीं। गांव के निवासी मीर जाफर ने इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को एकजुट किया। इस सामूहिक प्रयास का परिणाम यह हुआ कि गांव की दुकानों ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री बंद कर दी और नशे के खिलाफ जागरूकता तेजी से बढ़ी।

श्री मोदी ने कहा कि देश में ऐसी अनेक संस्थाएं भी हैं जो वर्षों से निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटी हुई हैं। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के फरीदपुर में स्थित 'विवेकानंद लोक शिक्षा निकेतन' पिछले चार दशकों से बच्चों और बुजुर्गों की सेवा कर रहा है। यह संस्था गुरुकुल पद्धति की शिक्षा, शिक्षकों के प्रशिक्षण और समाज कल्याण से जुड़े कई कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित