चेन्नई , फरवरी 06 -- भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने समुद्र में एक जीवन रक्षक अभियान चलाते हुए बेहोश अवस्था में फंसे एक मछुआरे को सुरक्षित बचा लिया है।

रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार रात जारी एक बयान में कहा गया है कि समुद्र में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने गंभीर प्रयास के तहत, भारतीय तटरक्षक के चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मुख्यालय (पूर्व) के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) के संचालकों ने एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नौका से 45 वर्षीय मछुआरे को निकालने में अनुकरणीय तत्परता और समन्वय का प्रदर्शन किया। उक्त मछुआरे को दौरे पड़ रहे थे और वह बेहोश हो गया था,बयान में बताया गया है कि चार फरवरी को लगभग 5:17 बजे एमआरसीसी को राज्य मात्स्यिकी अधिकारियों से आपात निकासी का अनुरोध प्राप्त हुआ और तुरंत सभी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए। मरीज की गंभीर स्थिति को समझते हुए, भारतीय तटरक्षक बल की टीम तुरंत हरकत में आई और नाव के चालक को पूरी गति के साथ चेन्नई की ओर बढ़ने का निर्देश दिया।

नियमित गश्त पर तैनात भारतीय तटरक्षक जहाज (आईसीजीएस) रानी गाइदिनल्यू को बीमार मछुआरे को बचाने के लिए तुरंत डायवर्ट किया गया। इस बीच, तटरक्षक चिकित्सा दल ने नाव के मास्टर को नियमित रूप से टेली-मेडिकल सलाह दी और मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी।

आईसीजीएस के जहाज रानी गाइदिनल्यू ने चेन्नई से लगभग 45 समुद्री मील दूर समुद्र की कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अंधेरे में बीमार मछुआरे को सफलतापूर्वक निकाल लिया। जहाज पर मौजूद तटरक्षक चिकित्सा दल ने चेन्नई पहुंचने के दौरान उसे प्राथमिक चिकित्सा और प्रारंभिक चिकित्सा सहायता प्रदान की।

तटरक्षक जहाज चार फरवरी की रात 10:45 बजे चेन्नई पहुंचा और मरीज को चेन्नई बंदरगाह के कोस्ट गार्ड जेट्टी पर प्रतीक्षा कर रहे चिकित्सा दल को सौंप दिया। जिला मुख्यालय-5 (डीएचक्यू-5) के चिकित्सा दल ने उन्नत चिकित्सा देखभाल के लिए मरीज को तुरंत एम्बुलेंस से राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल पहुँचाया और बाद में आगे के उपचार के लिए मछुआरे को मात्स्यिकी अधिकारियों को सौंप दिया।

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