तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 28 -- भारतीय तंत्रिका विज्ञान अकादमी (आईएएन) की 43वीं वार्षिक बैठक 29 अक्टूबर से एक नवंबर तक कोवलम में आयोजित होगी। इसमें तंत्रिका विकास और मस्तिष्क विकारों के नवीनतम पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

यह चार दिवसीय प्रतिष्ठित सम्मेलन राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (ब्रिक-आरजीसीबी) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में भारत और विदेशों के प्रमुख संस्थानों के प्रमुख तंत्रिका वैज्ञानिक, चिकित्सक और शोधकर्ता एक साथ आएंगे और तंत्रिका विज्ञान में उभरते शोध रुझानों, तकनीकी प्रगति और परिवर्तनकारी अनुप्रयोगों पर विचार-विमर्श करेंगे।

सम्मेलन का उद्घाटन पेरिस ब्रेन इंस्टीट्यूट (आईसीएम), फ्रांस की डॉ. स्टेफ़नी बाउलैक के "मिर्गी और कॉर्टिकल विकृतियों में मस्तिष्क मोज़ेकवाद" विषय पर मुख्य भाषण से होगा। इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण निम्हांस, बेंगलुरु के डॉ. बी. एन. गंगाधर द्वारा "अवसाद में योग के लिए न्यूरोबायोलॉजिकल साक्ष्य" विषय पर दिया जाने वाला प्रो. बी. के. बछावत मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड व्याख्यान होगा।

अन्य विशिष्ट वक्ताओं में निम्हांस और अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन (अमेरिका) से डॉ. सुवर्णा अल्लादी और डॉ. रत्ना सरकार, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, ब्रिटेन से डॉ. डेविड बेलिन, डीकिन विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. जी ह्यून किम; एमआईटी, अमेरिका से डॉ. इला फिएट; एम्स, नई दिल्ली से डॉ. शेफाली गुलाटी, रिकेन सेंटर फॉर ब्रेन साइंस, जापान से डॉ. तोमोमी शिमोगोरी और आईआईटी चेन्नई से डॉ. मोहनशंकर शिवप्रकाशम शामिल हैं।

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