जोधपुर , दिसंबर 04 -- राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ किसनराव बागडे ने नई शिक्षा नीति को भारतीय मूल्यों और राष्ट्रीय दृष्टि पर आधारित बताते हुए कहा है कि भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन चिकित्सा-विज्ञान तथा आधुनिक अनुसंधान का समन्वय कर विद्यार्थियों के ज्ञान, चरित्र एवं कौशल का संतुलित विकास किया जाना आवश्यक है।
श्री बागडे गुरुवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शैक्षणिक प्रगति, अनुसंधान, परीक्षा सुधार, अधोसंरचना विकास, छात्र कल्याण तथा संबद्ध महाविद्यालयों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध, खेल सुविधाओं और हॉस्टल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन विश्वविद्यालय भवन के कार्य में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने आग्रह किया कि मेडिकल शिक्षा केवल कुशल चिकित्सक तैयार न करे, बल्कि ऐसे संवेदनशील नागरिक भी तैयार करे जो समाज सेवा हेतु समर्पित हों। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि उत्कृष्ट शिक्षण-प्रशिक्षण, प्रभावी शोध तंत्र और बहुआयामी छात्र विकास को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता स्थापित कर सके। कुलगुरु प्रो. एम.के. आसरेरी ने बताया कि सत्र 2025-26 में 3329 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा नीप-2020 के तहत द्विभाषीय पाठ्यक्रम लागू किया गया है। संबद्ध महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम एवं मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च लैब संचालित हैं। विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम बोरावास को गोद लेकर कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
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