धार , फरवरी 6 -- खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से भेंट कर 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने घोड़ा रोज़ से फसलों को हो रहे नुकसान, मुआवजा, खरीदी व्यवस्था, सिंचाई और सड़क जैसी समस्याओं पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि घोड़ा रोज़ के कारण किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। मांग की गई कि घोड़ा रोज़ को पकड़कर अभ्यारण में छोड़ा जाए, जिसमें क्षेत्र के किसान सहयोग देने को तैयार हैं। साथ ही जिन फसलों को नुकसान हुआ है, उनका सर्वे कराकर आरबीसी धारा 6(4) के तहत मुआवजा प्रदान किया जाए।
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री अमोल पाटीदार ने बताया कि गेहूं उपार्जन में साइलो के माध्यम से खरीदी की जाए। जहां वेयरहाउस में खरीदी होती है, वहां बड़े तोल कांटे से ट्रॉली का वजन कर हाइड्रोलिक व्यवस्था की जाए तथा पर्याप्त हेमाल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसानों की उपज उसी दिन तौली जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में हाईटेंशन झूमर लाइन बिछाने के दौरान ठेकेदारों द्वारा किसानों की खड़ी फसलों में पोल और तार डाले जा रहे हैं, लेकिन किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। पहले किसानों को सूचना देकर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
प्रांत मंत्री महेश ठाकुर ने बताया कि विकसित भारत ग्राम योजना में कृषि विकास को प्राथमिकता दी गई है, ऐसे में खेत सड़क योजना को पुनः प्रारंभ किया जाना चाहिए। वर्ष 2017 से यह योजना बंद होने के कारण खेतों तक पहुंच मार्ग खराब हो चुके हैं। प्रत्येक पंचायत में इस योजना के लिए 50 प्रतिशत राशि खर्च की जाए। उन्होंने बताया कि जिले में गठित 28 नई सहकारी समितियों का अब तक विभाजन नहीं हुआ है, जिसे नवीन सत्र से पहले पूरा किया जाना चाहिए। वर्ष 2018 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए चने का भुगतान अभी भी कई किसानों को नहीं मिला है, जिसका शीघ्र भुगतान किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि धार सब्जी मंडी मंडी अधिनियम के तहत संचालित नहीं होने से किसानों को लहसुन, प्याज, आलू जैसी फसलें अन्य मंडियों में ले जानी पड़ती हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पोर्टल पर पहले अधिक बीमा राशि दर्शाई गई, लेकिन बाद में 50 प्रतिशत ही क्लेम मिला, जो नुकसान की भरपाई के लिए अपर्याप्त है।
इसके अलावा सरदारपुर तहसील में नर्मदा जल सिंचाई परियोजना का कार्य पांच वर्ष से अधिक समय बाद भी पूर्ण नहीं हो पाया है। तालाबों के सीमांकन और गहरीकरण की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री राजेंद्र शर्मा, प्रांत मंत्री महेश ठाकुर, प्रांत सदस्य मोहन पाटीदार, पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र पाटीदार, कोषाध्यक्ष राधेश्याम बडगोता, हर्ष रघुवंशी सहित किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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