नयी दिल्ली , फरवरी 10 -- भारत के किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को अमेरिका में ऐसे विभिन्न उत्पादों को वहां शून्य शुल्क पर बेचने का अवसर मिल सकता है जिनका वहां फिलहाल सालाना 46 अरब डॉलर का आयात होता है।
सूत्रों के अनुसार, इनमें मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, फल, चाय, कॉफी और एसेंशियल ऑयल शामिल हैं। भारत अभी वहां ऐसे उत्पादों का सालाना 1.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है।
अमेरिका के साथ कृषि व्यापार में फिलहाल भारत का मूल्य के हिसाब से निर्यात 1.3 अरब डॉलर ज्यादा है। वर्ष 2024 में भारत से अमेरिका को कृषि निर्यात 3.4 अरब डॉलर का और वहां से आयात 2.1 अरब डॉलर का था। इस तरह कृषि निर्यात में भारत मजबूत स्थिति में दिखता है।
भारत और अमेरिका के बीच सात फरवरी को द्विपक्षीय अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा हुई थी। सूत्रों ने बताया कि इससे भारत को वहां लगभग 46 अरब डॉलर के सामानों के बाजार में शून्य शुल्क पर सामान बेचने का मौका मिलेगा जिनका अमेरिका आयात करता है।
वहां के ऐसे उत्पादों के बाजार में फिलहाल भारत का निर्यात 1.4 अरब डॉलर का है।
सूत्रों ने बताया कि भारत को अमेरिका में बाहर से पहुंचने वाले 160 अरब डॉलर के उत्पादों के बाजार में 18 प्रतिशत के तरजीही (रियायती) शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। सूत्रों ने कहा कि इससे आने वाले समय में भारत से वहां निर्यात में अच्छी वृद्धि की संभावना दिखती है।
अमेरिका के समुद्री उत्पाद (मछली-झींगा आदि) का आयात बाजार में लगभग 25 अरब डॉलर का है। वहां भारत को 18 प्रतिशत के रियायती शुल्क पर प्रवेश मिलेगा जो कारोबार में विस्तार का अवसर देगा।
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