नयी दिल्ली , दिसंबर 09 -- राजधानी दिल्ली में बुधवार और गुरूवार को आयोजित होने वाले भारतीय उर्वरक संघ (एफएआई) के दो दिवसीय सम्मेलन में हरित प्रबंधन और किसानों के सशक्तिकरण पर जोर रहेगा। एफएआई के चेयरमैन और कोरोमंडल इंटरनेशनल के एमडी एवं सीईओ एस. शंकर सुब्रमण्यम ने यह जानकारी यहां मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दी।
श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और सतत विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए उर्वरक क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग संतुलित पोषण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री सुब्रमण्यम ने बताया कि इस सम्मेलन में दुनिया भर के नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ और किसान प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उदघाटन केमिकल्स एवं फ़र्टिलाइज़र्स तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और उर्वरक विभाग के सचिव रजत कुमार मिश्रा भी मौजूद होंगे।
श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि 'हरित भविष्य के लिए उर्वरक प्रबंधन: किसानों के सशक्तिकरण को गति' विषय पर आधारित यह सम्मेलन उर्वरक उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा, जहाँ चार तकनीकी सत्रों और 16 प्रस्तुतियों के माध्यम से पोषक तत्व दक्षता, उर्वरक नीति, हरित उत्पादन तकनीक और नवाचारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस अवसर पर एफएआई के महानिदेशक डॉ. सुरेश कुमार चौधरी ने बताया कि आगामी दशक में नवाचार, स्थिरता और डिजिटल तकनीक उर्वरक क्षेत्र की दिशा तय करेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम), वैकल्पिक उर्वरक, जलवायु-रोधी उत्पाद और मिट्टी स्वास्थ्य सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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