कोलकाता , अक्टूबर 28 -- भारतीय आवासीय बाजार घटती बिक्री और नयी आपूर्ति के बीच स्थिर होता दिख रहा है जबकि वाणिज्यिक कार्यालय रियल एस्टेट क्षेत्र शीर्ष सात शहरों में लगातार बढ़ रहा है।

एनारोक के नवीनतम शोध आंकड़ों से पता चलता है कि मासिक कार्यालय किराया 2024 के नौ महीनों के लगभग 85 रुपये प्रति वर्ग फुट की तुलना में वर्ष 2025 में लगभग 90 रुपये प्रति वर्ग फुट हो जाएगा जो सालाना छह प्रतिशत की वृद्धि है।

दिलचस्प बात यह है कि शीर्ष सात शहरों में नये कार्यालयों के निर्माण में वृद्धि के बावजूद, औसत रिक्तियों के स्तर में मामूली तीन प्रतिशत की वार्षिक गिरावट देखी गयी जो 2024 के नौ महीनों में 16.70 प्रतिशत से घटकर 2025 के नौ महीनों में 16.20 प्रतिशत हो गया। चेन्नई एकमात्र ऐसा शहर है जिसने शीर्ष कार्यालय शहरों में एकल-अंकीय कमी दर्ज की है।

आयात शुल्क, भू-राजनीतिक तनाव और आईटी क्षेत्रों में छंटनी जैसी वैश्विक चुनौतियों का शीर्ष शहरों में कार्यालय स्थान की मांग पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। वर्ष 2019 की इसी अवधि में जब कार्यालय की मांग अधिक थी, शीर्ष सात शहरों में शुद्ध कार्यालय इस्तेमाल लगभग 3.22 करोड़ वर्ग फुट था जो 2025 तक 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

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