रांची , दिसंबर 16 -- कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने कहा झारखंड की महागठबंधन सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि भाजपा अपनी नाकामियों, पाखंड और दोहरे चरित्र को ढकने का सुनियोजित राजनीतिक तमाशा कर रही है।
श्री सिंह ने कहा छात्रवृत्ति के मुद्दे पर भारतीय जनता युवा मोर्चा, भाजपा राँची महानगर द्वारा निकाली गई तथाकथित शव-यात्रा, जिन युवाओं और ओबीसी छात्रों को आगे कर भाजपा सड़क पर उतर रही है, उन्हीं छात्रों का संवैधानिक हक़ केंद्र की भाजपा सरकार ने वर्षों से दबाकर रखा है और इस सच्चाई को भाजयुमो जानबूझकर छुपा रहा है।
भाजपा छात्रवृत्ति के नाम पर ओबीसी छात्रों को गुमराह कर रही है। एक ओर केंद्र की भाजपा सरकार राज्य को छात्रवृत्ति की राशि समय पर उपलब्ध नहीं करा रही है, दूसरी ओर भाजपा के नेता छात्रवृत्ति पर विधवा-विलाप कर राजनीतिक सहानुभूति बटोरना चाहते हैं। तथ्य बिल्कुल साफ़ हैं और भाजपा को इन पर जवाब देना होगा।
राज्य सरकार ने वर्ष 2023-24 में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति मद में केंद्र से 271 करोड़ रुपये की मांग की, लेकिन केंद्र ने भुगतान किया सिर्फ 77 करोड़ रुपये। वर्ष 2024-25 में 253 करोड़ रुपये मांगे गए, और मिले मात्र 33 करोड़ रुपये। वहीं 2025-26 में 370 करोड़ रुपये की मांग के विरुद्ध अब तक केंद्र ने सिर्फ 13 करोड़ रुपये जारी किए। सवाल सीधा है-बाकी सैकड़ों करोड़ रुपये कहाँ गए? और इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की जबतक केंद्र सरकार अपना केंद्र का राशि नहीं भेजेगा तब तक राज्य सरकार अपने तरफ से पैसा ओबीसी छात्रवृति की नहीं दें सकती है।
श्री सिंह ने कहा कि यह सर्वविदित है कि छात्रवृत्ति व्यवस्था केंद्र और राज्य की साझा जिम्मेदारी है। महागठबंधन सरकार ने सत्ता में आने के बाद छात्रवृत्ति को प्राथमिकता दी, बजटीय प्रावधान किए और प्रक्रियागत सुधार किए। इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा अपना अंश जानबूझकर रोके जाने, भुगतान में कटौती और प्रशासनिक अड़चनों के कारण छात्रों को परेशानी हुई। ऐसे में इसे "छात्रवृत्ति गटक लेने" जैसा झूठा, भड़काऊ और गैर-जिम्मेदार बयान देना छात्रों के भविष्य के साथ क्रूर मज़ाक है।
श्री सिंह ने कहा भाजपा यह भी बताए कि जब वह राज्य की सत्ता में थी, तब छात्रवृत्ति को लेकर छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा? क्यों महीनों-सालों तक भुगतान लंबित रहता था? क्यों हजारों छात्रों को पोर्टल और नियमों के जाल में उलझाकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया गया? आज वही भाजपा युवाओं और ओबीसी छात्रों की आड़ लेकर राजनीतिक शव-यात्रा निकाल रही है।
कांग्रेस स्पष्ट करना चाहती है कि महागठबंधन सरकार छात्रों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्रवृत्ति कोई एहसान नहीं, बल्कि छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। हम यह स्पष्ट शब्दों में कहते हैं कि छात्रों को उनका एक-एक रुपया दिलवाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र पर दबाव बना रही है और आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी। यह शव-यात्रा राज्य सरकार की नहीं,भाजपा की दोहरी राजनीति, झूठ और खोखली नैतिकता की शव-यात्रा है। झारखंड का छात्र अब सच जान चुका है और वह अपना हक़ लेकर रहेगा।
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