जयपुर , जनवरी 24 -- पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) में ओएमआर शीट बदलने के मामले को फिर उठाते हुए कहा है कि राज्य सरकार परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की घोषणा करने से क्यों बच रही है।

श्री गहलोत ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि क्या भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि आरएसएसबी में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये जुर्माना और दोषियों की संपत्ति ज़ब्ती जैसा देश का सबसे सख्त कानून बनाया और बिना किसी भेदभाव के आरपीएससी सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर नजीर पेश की। हमने गड़बड़ी मिलने पर कभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष नहीं मढ़ा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की।

श्री गहलोत ने कहा कि अब 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली भाजपा सरकार बताये कि वह अपने कार्यकाल (2024-25) के दौरान हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की घोषणा करने से क्यों बच रही है।

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